रायता
पुराने समय में सन्नाटा रायता कैसे बनता था, उसके क्या फायदे हैं? घर में कैसे बनायें?
वास्तव में यह बूंदी के रायते का ही एक पुराना शुद्ध देशी वर्जन है, जिसे भरी भोजन के बाद लोग "दोने पे दोने" पी जाते थे | यहां में इसकी रेसिपी साँझा कर रहा हूँ | पता नहीं अब वहां यह बनाया जाता है या नहीं |
आवश्यक सामग्री :-
मीडियम खट्टा मही/मट्ठा - 1 लिटर
सोंठ पिसी हुई - 1 टेबलस्पून
काला नमक - 1 टेबलस्पून
भुना जीरे का पाउडर - 1 टी स्पून
सादी नमकीन बूंदी - 1 कप
हरा धनिया बहुत बारीक़ कटा - 2 टेबलस्पून
हरी मिर्च बारीक़ कुटी हुई - 1 टी स्पून
या मोटी कुटी लाल मिर्च - आधा टीस्पून
विधी -
मटठे/ मही में नमक, सभी सूखे पिसे मसाले, पिसी हरी मिर्च, महीन कटी धनिया व बूंदी मिक्स करें व आधे घंटे तक के लिए छोड़ दें | नमक चेक करें कम हो तो थोड़ा मिलाएं, अधिक लगे तो एक दो कप मही और मिला दें | जहां तक हो सके ताज़ा जीरे को भून कर पीसें व सोंठ भी स्वयं ही पीस कर प्रयोग में लें, बाजार की रेडीमेड न लें | इसके लिए ताज़ा मीडियम खट्टा व मीडियम पतला मट्ठा लिया जाता है | "सन्नाटा" तैयार है|
बुंदेलखंड में भोजन के बाद खास तौर पर पूड़ी/कचौड़ी व तैलीय भोजन के बाद इसे खास तौर पर पीने की परम्परा थी | पता नहीं अब वहां यह बनाया जाता है या नहीं |

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