भीष्म पितामह ने अर्जुन को 4 प्रकार का भोजन न करने की सलाह दी थी...

 भीष्म पितामह ने अर्जुन को 4 प्रकार का भोजन न करने की सलाह दी थी...


1. जिस थाली को क़ोई व्यक्ति लांघ कर गया हो वह भोजन नाली में पड़े कीचड़ के समान हो जाता है अर्थात वह भोजन नहीं करना चाहिए।


2. जिस थाली को ठोकर लग गई हो या पांव लग गया हो वह भोजन भिष्टा के समान है। वह भोजन भी खाने योग्य नहीं है।


3. जिस भोजन की थाली में या भोजन में बाल (Hair) पड़ा हो, वह भोजन दरिद्रता (गरीबी) के समान है। अर्थात वह भोजन भी योग्य नहीं है।


4. हे अर्जुन! बेटी अगर कुंवारी हो और पिता (Father) के साथ एक ही थाली में भोजन करती है। तो उस पिता की कभी भी अकाल मृत्यु नहीं हो सकती… क्योंकि बेटी पिता की अकाल मृत्यु को हर लेती है।


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