टेकेली मुखोत दिया पीठा

 असम का पारंपरिक पकवान "टेकेली मुखोत दिया पीठा" बनाने की विधि क्या है?

असम का एक पारंपरिक भाप में पका हुआ चावल का केक है। असमिया में 'टेकेली' शब्द का अर्थ घड़ा होता है। इसलिए, यह वास्तव में एक ऐसा व्यंजन है जिसे घड़े के मुँह पर रखकर उबाला जाता है। ये पीठे स्वास्थ्यवर्धक और पेट भरने वाले दोनों होते हैं, और सुबह की नाश्ते की मेज पर या शाम के नाश्ते में, दोनों रूप में परोसे जाते हैं।


सामग्री


2 ½ कप: चावल का आटा (आटा घर पर किसी भी स्थानीय किस्म के चावल से बनाया जा सकता है या बाजार में उपलब्ध चावल का आटा भी इस्तेमाल किया जा सकता है)

2 कप: नारियल (घिसा हुआ)

6 बड़े चम्मच: चीनी या 60 ग्राम गुड़

पानी, आवश्यकता के अनुसार

निर्देश


चावल का आटा तैयार करना


2 ½ कप चावल को एक बड़े कटोरे में 4 से 5 घंटे के लिए पानी में भिगोकर रख दें।

पानी निकाल दें और गीले चावल को अखबार या सूखे कपड़े पर फैला दें और सूखने दें।

चावल के सूख जाने पर इसे ग्राइंडर में डालकर बारीक पीस लें।

आटे को ग्राइंडर से निकाल लें और इससे भी महीन आटे के लिये इसे छान लें।

वैकल्पिक रूप से बाजार में उपलब्ध बने बनाए चावल के आटे का भी उपयोग किया जा सकता है।


पीठा - मिश्रण तैयार करना


एक बड़े कटोरे में चावल का आटा, कद्दूकस किया हुआ नारियल और चीनी या गुड़ लें। थोड़ा पानी छिड़कें। अच्छी तरह मिलाएँ, और अलग रख दें।

पीठों को भाप में पकाना


चौड़े मुँह वाला घड़ा या केतली लें। इसे आधा पानी से भरें और पानी को उबाल लें।

एक कटोरी (घड़े या केतली के मुँह के बराबर) लें और उस पर मलमल का गीला कपड़ा फैलाएँ। कटोरी में पीठा-मिश्रण ऊपर तक भर लें (पीठा के लिए कटोरी को सांचे के रूप में इस्तेमाल किया जाना है)।

पीठा-मिश्रण वाली कटोरी के कपड़े को सावधानी से उठाकर घड़े या केतली के मुँह पर रख दें।

इसे ढक्कन से ढक दें और प्रत्येक पिठे को लगभग ४ मिनट के लिए भाप दें।

पीठों का यूँही आनंद लिया जा सकता है या ये ताजी मलाई के साथ भी खाए जा सकते हैं




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