तंदूरी राेटी

 तंदूरी राेटी कैसे बनाई जाती है?

ढाबों मे तंदूरी रोटी एक विशेष प्रकार के आटे से मिट्टी के बडे से तंदूर मे बनाई जाती है। यह रोटी जिस आटे से बनती है, उसे तंदूरी आटा कहते हैं।


इस आटे मे लगभग 10% चावल का आटा, 20% गेहूं का आटा व शेष 70% मैदा होता है।


यह लगभग सभी बडे किराने की दुकानों मे "तंदूरी आटा" के नाम से ही मिलता है। इसकी विशेषता यह है कि यह गीला आटा हाथों मे चिपकता नही है।


यह सामान्य गेहूं के आटे से थोडा महंगा मिलता है।


यहां मै जो विधी पोस्ट कर रहा हूं उसे आप इसी आटे या सामान्य गेहूं के आटे से भी बना सकते हैं। इसे आप घर मे सामान्य लोहे के तवे पर बना सकते हैं, पर यह आधुनिक नॉनस्टिक तवे पर नही बनेगी इसका ध्यान रखें।


आवश्यक सामग्री :-


2 या ढाई कप तंदूरी या सामान्य आटा, (5 से 6 रोटियों के लिए)


1 टी स्पून नमक


2 - 3 टी स्पून रिफाइंड तेल


पानी जरूरत के अनुसार


एक लोहे का मोटा तवा (यह अनिवार्य है)


विधि :-


सबसे पहले थोड़ा सा तेल, आटा, 1/2 टी स्पून नमक, जरूरत के हिसाब से पानी मिलाकर नरम आटा गूंथें। ध्यान रहे कि ये कड़ा नहीं होना चाहिए।


इसके बाद इस आटे में थोड़ा सा तेल लगाकर कम से कम आधे घंटे के लिए रख दें ताकि वह सेट हो जाऐ।


आधा कटोरी पानी में थोड़ा सा नमक मिलाकर अलग रख लें।

खाना खजाना

आधे घंटे बाद इसके 5 या 6 गोले बना लें, ध्यान ये रखना है कि तंदूरी रोटी सामान्य रोटी से मोटी होती है।


अब आप तवे को बहुत ज्यादा गर्म कर लें।


आप रोटी को अपने हिसाब से आकार दे सकते हैं चाहें बेलन से बेलें या फिर हाथों से उसे फैलाएं। ध्यान रखें कि तंदूरी रोटी मोटी होती है इसे नॉर्मल रोटी से मोटा ही बेलें।


अब रोटी के एक हिस्से पर नमक के पानी को उंगलियों की मदद से लगाएं और तवे पर चिपका दें। ये वैसे ही चिपकेगी जैसी मिट्टी के तंदूर में चिपकती है। ध्यान रहे कि तवा बहुत गर्म होना चाहिए तभी रोटी अच्छी बनेगी।


अब रोटी को ऊपर के साइड से उंगलियों से थोड़ा सा दबा दें ताकि ये तवे पर फूले नहीं और तंदूर जैसा टेक्सचर आए। ऐसा करने पर यह तवे पर अच्छे से चिपक जाएगी।


अब रोटी को तब तक ऐसे ही रखें जब तक थोड़े बबल्स नहीं दिखने लगे। इसके बाद तवे को उल्टा कर के दूसरे साइड से इसे सीधे गैस की फ्लेम पर सेंकना है।


ध्यान रखें कि रोटी इसमें चिपकी रहनी चाहिए और इसे सीधे फ्लेम के सामने तब तक रखें जब तक इसमें थोड़े से भूरे चकत्ते नहीं पड़ जाते।


अब इसे स्पैचुला (पलटा) की मदद से तवे से निकालें, इसमें बिलकुल वैसा ही टेक्सचर मिलेगा जैसा तंदूरी रोटी में होता है।


अब आप इसमें बटर (मक्खन) लगाएं, आपकी मखनी तंदूरी रोटी तैयार है। इसका सबसे अधिक आनंद बढिया "फ्राय दाल" के साथ ही आता है (यह मेरी निजी पसंद है)








भेल पूरी

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